Introduction | Welcome to Nagar Palika Parishad Baghpat

Introduction

भारत के संबिधान के भाग-9(क) के अनुच्छेद 243त के अन्तर्गत भारत में नगर पालिकाऐ गठित है।

भारत में प्रथम बार निगम का गठन वर्ष 1687 में मद्रास(वर्तमान चेैन्नई ) में हुआ था।

उ0प्र0 शासन में नगर पालिकाऐ मा0 नगर विकास मंत्री/प्रमुख सचिव, नगर विकास विभाग तथा निदेशक, नागर निकाय निदेशालय, उ0प्र0 लखनऊ के आदेशो/निर्देशो के अन्तर्गत अपने कर्तव्यो का निवर्हन करती है।

नगर पालिकाओ का वित्तीय कार्य नगर पालिका लेखा नियमावली तथा म्यूनिस्पल एकाउन्ट कोट के प्राविधानो से नियंत्रित /संचालित होता है।

अधिशासी अधिकारी(ई0ओ0) इसके साथ-साथ नगर पालिका क लेखाधिकारी एवं आहरण एवं वितरण अधिकारी भी है और कोई भी भुगतान बिल पर उनके द्वारा भुगतान आदेश पारित करने के बाद ही नगर पालिका लेखानियामावली के नियम-5 के अनुसार नगर पालिका परिषद के सभी भुगतान अधिशासी अधिकारी(ई0ओ0) एवं अध्यक्ष के सयुक्त हस्ताक्षरो से किये जाते है।

अधिनियम की धारा-96 की व्यवस्थानुसार नगर पालिका परिषद बागपत का प्रत्येक कार्य ''बोर्ड '' की स्वीकृति पर किया जाता है और दो बोर्ड बैठक के दौरान रू0 एक लाख तक के व्यय/कार्य बोर्ड स्वीकृति की प्रत्याशा में अध्यक्ष की स्वीकृति पर कराये जा सकतें है।

नगर पालिका के कार्यो की परख संपरीक्षा (टेस्ट आडिट)1. निदेशक,स्थानीय निधि लेखा परीक्षा विभाग उ0प्र0 इलाहाबाद /सहायक निर्देशक आगरा मण्डल आगरा 2. निदेशक, आन्तरिक लेखा एवं लेखा परीक्षा, उ0प्र0, 510/217 नया हैदराबाद,लखनऊ 3. प्रधान महालेखाकार(आडिट),प्रथम,उ0प्र0,इलाहाबाद की आडिट टीम द्वारा की जाती है।

इसके अतिरिक्त नगर पालिका परिषद बागपत को अधिनियम की धारा-127ग के प्राविधानो के अन्तर्गत उ0प्र0 राज्य की करो में हुयी आय मे से राज्य वित्त आयोग (चतुर्थ) की संस्तुति पर एक निश्चित राषि प्रत्येक माह प्राप्त होती है